यहाँ शरीर के समस्त बीमारियों का इलाज होम्योपैथिक दवा द्वारा बताया गया है। एलोपैथी रोग को दबा देता है परन्तु होम्योपैथी रोग को जड़ से खत्म करता है। होम्योपैथी के चमत्कार के लिए एक बार इसे जरूर आजमाएं।

कुचल जाने का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Treatment For Crushed ]

यदि शरीर का कोई भाग या अंग किसी पत्थर या वजनी चीज से कुचल जाए, चोट खा जाए तो उसे "कुचल जाना" कहते हैं। इस दशा में चोट वाली जगह के भीतर रक्त बहाने वाली छोटी-छोटी नाड़ियां कटकर रक्त जम जाता है। कभी-कभी भीतर गहरे अंश में चोट होने पर उसमें पीब…

मोच आने का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Sprain ]

कभी-कभी चलते हुए से अकस्मात पैर मुड़ जाना, गिर कर चोट खा जाना इत्यादि कारणों से मोच आ जाती है, जिस कारण बहुत दर्द होता है और वह जगह फूल जाती है, वहां सूजन आ जाती है। आर्निका सिम्फाइटम 30 — यदि हड्डी में बाल पड़ जाए, तब यह प्रयोग करें।…

काला दाग पड़ने का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Black Spot ]

हथौड़े या पत्थर आदि की चोट से कभी-कभी चोट वाली जगह से रक्त नहीं निकलता है और उस जगह एक प्रकार का दाग पड़ जाता है। इस चोट में यद्यपि रक्त नहीं निकलता है, पर रक्तवहा नाड़ियां कटकर रक्त निकलता है, जो भीतर ही एकत्र हो जाता है, इसी कारण वहां…

मस्तिष्क की चोट का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Concussion of The Brain ]

सिर में चोट लगने, गिर जाने आदि कारणों से मस्तिष्क के काम में गड़बड़ी हो या वह काम करना बंद कर दे, तो उसे "मस्तिष्क का विकंपन" कहते हैं। एकदम या थोड़ी बेहोशी, चेहरा मलिन, द्रुत, अनियमित, क्षुद्र या लुप्तप्राय नाड़ी, कमजोर और अनियमित श्वास,…

नाखून के रोग का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Nail Disease ]

नख (नाखून) के भी कई प्रकार के रोग होते हैं, जैसे नाखूनों का मुड़ जाना, टूट जाना, उनका रंग बदलना; नाखूनों का उंगलियों के कोनों में घुस जाना, नाखूनों के भीतरी भाग में प्रदाह का हो जाना आदि। आर्निका 3 — झटका खा जाने या गिर जाने के कारण से नख…

शराब से मुक्ति का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Alcohol Liberation ]

शराब में बुराइयां ही अधिक हैं। कभी मित्र-संबंधियों से झगड़ा हो जाता है, तो कभी घर में झगड़ा-क्लेश, इसलिए शराब पीने वालों को इससे मुक्ति का प्रयास अवश्य करना चाहिए। जो चीज झगड़े का कारण बनती हो, उससे तौबा कर लेना ही अच्छा है। सल्फ्यूरिक…

तृष्णा या प्यास का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Thirst ]

प्यास का अधिक होना ब्रायोनिया 30 — प्यास बहुत रहती है। बार-बार अधिक मात्रा में पानी पीना, फिर भी प्यास बनी रहना। इसमें इस औषधि के सेवन से प्यास पर कंट्रोल हो जाता है। नैट्रम म्यूर 30 — तीव्र ज्वर आदि में ठंड लगने पर भी बेहद प्यास लगना।…

नासूर का दर्द का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Treatment For Sinus Pain ]

गालों पर दोनों तरफ दो हड्डियां होती हैं, जो माथे की हड्डी के खोलों से मिली होती हैं। जुकाम आदि के बिगड़ जाने पर इन खोलों में रेशा जम जाता है, जिससे माथे के किसी भाग में या गाल की उभरी हड्डी में दर्द होता है, यही "साइनस का दर्द" कहलाती है।…

पेट के अन्दर की ओर धंसने सा महसूस होने का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Remedies For Sinking…

कभी-कभी डिम्बग्रंथियों की विकृति के कारण स्त्रियों को पेट के उदरोपरि-प्रदेश में अर्थात पेट के ऊपर उन्हें धंसती-सा अनुभव होता है। निम्न औषधियों के प्रयोग से जरायु. की दौष तथा पेट धंसता-सा अनुभव हो, लो ये दोनों दोष समाप्त हो जाते हैं। कार्बो…

तंबाकू का सेवन करने की आदत का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Treatment For Tobacco Habit (Nicotism)…

बहुत से लोगों को तंबाकू सेवन की बुरी लत होती है, आदत होती है। वह तंबाकू पान में खाते हैं, खैनी प्रयोग करते हैं, गुटकों का सेवन करते हैं लथा हद से ज्यादा बीड़ी-सिगरेट पीते हैं। तंबाकू में निकोटिन होती है, जो शरीर और स्वास्थ्य दोनों के लिए…

जिह्वा का अल्सर का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Treatment For Ulceration of The Tongue ]

नाइट्रिक एसिड 6 — काली खांसी में जिह्वा के नीचे अल्सर हो जाने पर यह औषधि दें। ग्रैफाइटिस 30 — एक ऐसा गंदा और बदबूदार अल्सर, जो ठीक होने में न आए और जिस कारण मुंह से बड़ी गंध आती हो, तब इसका प्रयोग करें। इसका शीघ्र प्रभाव पड़ता है।…

जिह्वा का पक्षाघात का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Paralysis of The Tongue ]

डल्केमारा 30 — जिह्वा सूज जाती है, अकड़ जाती है। पक्षाघात का प्रभाव पूरी तरह से न पड़ा हो, तब भी ऐसा प्रतीत होता है कि जिह्म का पक्षाघात हो गया है। जिल्ला मुंह से बाहर नहीं निकाली जाती, तब इस औषधि के सेवन से लाभ होता है। लैकेसिस 30 — जिह्म…

जिह्वा की सूजन का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Inflammation of The Tongue (Glossitis)…

औग्जैलिक एसिड 6, 30 — यदि ऐसा लगे कि जिह्वा खुरच दी गई है, उस पर से परत-सी उतरे, बेहद दुखे और जिह्वा सूख जाए, तब इस औषधि का व्यवहार करें। एकोनाइट 30 — यदि जिह्वा की सूजन के साथ ज्वर चढ़ आया हो, तो इस औषधि से ज्वर उतर जाता है और जिह्वा को…

जिह्वा में दर्द का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Neuralgia of The Tongue ]

ऐगारिक्स 30 या आर्सेनिक 30 — यदि रोगी की जिह्वा में खप्पच चुभने का-सा दर्द हो, तो 30 शक्ति में ऐगारिस दें और यदि दर्द के साथ जलन भी बहुत हो, तो 30 शक्ति में आर्सेनिक देनी चाहिए, इससे रोगी को जिह्वा के दर्द में आराम हो जाता है।

जिह्वा के फटने का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Remedies For Fissured Tongue ]

एरम ट्रिफाइलम 3, 30 — जिह्वा में दरारें-सी पड़कर उनसे रक्त निकले, तो यह उपयोगी है। बेलाडोना 30 — खुश्क जिह्वा जगह-जगह से फट जाए, तब यह औषधि प्रयोग करें। रस-टॉक्स 30 — यदि जिह्वा बीच में से सीधी फट जाए, तो इस औषधि से लाभ होता है।…

जख्म से ज्वर का आने का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Traumatic Fever ]

आर्सेनिक 30 — यदि जख्म (घाव) के कारण आया हुआ ज्वर टाइफॉयड जैसा रूप धारण कर लें, तब इस औषधि से लाभ हो जाता है। इसकी 30 शक्ति की मात्रा नित्य 3 बार दें। चायना 30 — यदि चोट लगने से या घाव हो जाने पर ज्वर यक्ष्मा जैसा रूप धारण कर ले, तब यह…

चर्बीयुक्त या वसामय ट्यूमर का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Treatment For Fatty Tumors (Lipoma) ]

कैल्केरिया कार्ब 30 — यदि वसा (चर्बी) युक्त ट्यूमर हो, तो इसे विनष्ट करने के निमित्त इस औषधि को नित्य 2-3 बार देने से बहुत लाभ होता है, रोगिणी स्वस्थ हो जाती है। बैराइटा कार्ब 30 — यों तो विशेषकर गरदन के पास ये वसायुक्त ट्यूमर हुआ करते…

तंतुयुक्त ट्यूमर का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Remedies For Polypoid Tumour ]

शरीर के किसी भी भाग अथवा किसी भी अंग में मांस के बढ़ जाने को "ट्युमर" कहते हैं। यह सूजन नहीं होती, बल्कि मांस का कुछ अंश बढ़ जाता है। यदि ग्लैंड पर किसी खंडी वस्तु की चोट से उसमें कड़ापन होने लगे, तो उसका अंत "ट्यूमर" होता है। थाइरॉयडीनम…

योनि का संकुचन का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Vaginismus ]

बहुत-सी युवतियों का योनि-द्वार बहुत तंग होता है, जिस कारण उसे ढांपने वाली झिल्ली (कुमारीच्छद) में अनुभूति की अधिकता होती है, इसलिए संगम-स्पर्श से योनि के चारों ओर की पेशियां अकस्मात सिकुड़ जाती हैं, जिस कारण रति-क्रिया में असमर्थता होती है।…

तरुण योनि शोथ का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Acute Vaginitis ]

योनि में खुजली हो, मूत्र-विसर्जन के समय कष्ट होता हो, जाड़े के समय ज्वर; कम व उरु और नितंब में भार मालूम होना और दर्द का रहना; योनि से श्लेष्मा निकलना, मूत्र-कृच्छता आदि तरुण योनि-प्रदाह के लक्षण हैं। आर्निका 200 — यदि योनि का प्रदाह योनि…