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Rheumatism & Gout

टांगों में सूजन का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Swollen Legs ]

कभी-कभी टांगों में सूजन आ जाती है और यह सूजन पांवों तक भी जा पहुंचती है। इसके कई कारण होते हैं, जो निम्न औषधियों के लक्षणों के अंतर्गत हैं। ब्रायोनिया 30 — चलते समय या कुछ समय के उपरांत खड़े रहने पर टांगों में सुस्ती-सी आने लगे, लेटने को…

चुक का दर्द का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Pain in Sacrum ]

रीढ़ की हड्डी की निचली नोकदार हड्डी गुदास्थि कहलाती है, इसके ऊपर हड्डियों की लिकास्थि होती है, यह मिलकर वस्ति गह्र बनता है। इस भाग में दर्द होता है, जिसे पीठ के निचले भाग का दर्द कहते हैं, इसे ही "चुक का दर्द" कहते हैं। निम्न औषधियां इसमें…

विविध कमर के दर्द का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Various Waist Pains ]

अंगस्चुरा 6 — दाईं फलकास्थि के नीचे छाती की ओर स्तन के पास तक फैलने वाला तेज काटता हुआ-सा दर्द हो, तो इस औषधि से लाभ हो जाता है। रस-टॉक्स 30, 200 — नितंब-शूल और कटि-शूल के लिए यह सर्वोत्तम औषधि है। लोबेलिया (मूल-अर्क) 30 — रीढ़ की ओर की…

कमर दर्द हरकत से बढ़ता और पड़े रहने से घटता है का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Waist…

नैट्रम म्यूर 30, 200 — रोगी किसी सख्त चीज पर पट्ट लेटना चाहता है, उसी से उसे राहत मिलती है, पीठ पर कुछ दबाव पड़े, तभी उसे आराम मिलता है। पीठ में ऐसा दर्द होता है मानो वह टूटी जा रही है। इस औषधि को कमर-दर्द में लेते रहने से रोगी को आराम…

चलने फिरने से कमर दर्द का घटने का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Waist Pain Reduce on…

अर्जेन्टम नाइट्रिकम 30 — रोगी की टांगे कांपती हैं, उनमें कमजोरी महसूस होती है और टांगों की पिंडलियां में हड़कन लगती है, ऐसा प्रतीत होता मानो बहुत लंबा सफर तय किया है। कटि-प्रदेश और कमर में दर्द होता ही है। जब कोई व्यक्ति बैठा हुआ हो, तब…

पीठ में दर्द या कटिवात का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Treatment For Backache, Lumbago ]

कमर का एक भाग, जहां पसलियां समाप्त होती हैं, वहां से कमर में नितंब प्रदेश से ऊपर तक का एक भाग है, जिसे "स्मॉल ऑफ दि बैक" कहते हैं और उससे नीचे तक दूसरा भाग "झुंबर रीजन" कहलाता है। ऊपरी भाग में दर्द को पृष्ठ-शूल तथा नीचे के दर्द को…

घुटने के जोड़ के रोग का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Remedies For Knee-Joints Diseases ]

यदि अस्थियों में किसी प्रकार की विकृति हो जाए, वह टेढ़े-मेढ़े पड़ जाएं, रोगी की यक्ष्मा की प्रकृति हो, पसीना अधिक आए, रोगी चल-फिर न सके, घुटने जवाब दे जाएं, हड्डियां कड़कने लगें, हड्डी में नासूर आदि हो जाए, तब निम्न औषधियों से उपचार करें।…

जोड़ों में स्राव भर जाने का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Joint Effusion ]

हिपर सल्फर 6 — यदि रोगाक्रांत जोड़ पक जाएं, तब इसका प्रयोग करें। साइलीशिया 6 — यदि रोगग्रस्त जोड़ के पक जाने पर उससे मवाद निकलने लगे, तब यह औषधि दें और एक कप पानी में 15 बूंद औषधि डालकर और उसमें पट्टी भिगोकर जोड़ पर रखें। ब्रायोनिया 30 —…

जोड़ों का दर्द का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Joint Pain ]

चलने-फिरने या हरकत करने से जोड़ों का कड़कना अथवा जोड़ों में शोथ होकर पानी भर जाना, यह वात-व्याधि नहीं है, बल्कि इसे "सिनोवाइटिस" कहते हैं। यह घुटने के जोड़ को हड्डी या गिट्टे की हड्डी के जोड़ में पानी भर जाने के कारण होता है। बेनजोइक एसिड…

गठिया की प्रवृत्ति रोकने के लिए का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For How to Prevent…

नैट्रम म्यूर 30 — ठंड लगती हो, चेहरा मटमैला हो जाए और गठिया का संदेह हो या वह औषधियों द्वारा दबा दिया गया हो, तब इस औषधि का प्रयोग करना चाहिए। सल्फर 30 — यदि त्वचा के रोग के साथ गठिया की प्रवृत्ति हो, तब यह औषधि दें। औग्जैलिक एसिड 6, 30 —…

गठिया का दर्द का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Remedies For Arthritis Pain ]

बेलाडोना 6, 30 — यदि बैठे-बैठे गठिया का एकदम आक्रमण हो जाए, तब इसे प्रयोग करें। सैबाइना 3 — यदि गठिया का संबंध ऋतु-संबंधी गड़बड़ी के साथ हो, तब यह उपयोगी है। चायना 30 — जब एकोनाइट देने से कोई लाभ न हो; जोड़ों में दर्द के साथ सूजन हो, जोड़…

गठिया का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Arthritis, Gout ]

शरीर की छोटी-छोटी संधियों पर रोग का आक्रमण होने पर उसे "गठिया वात कहते हैं। जोड़ों में युरेट ऑफ सोडियम एकत्र होता है और रक्त में यूरिक एसिड मौजूद रहता है। जोड़ों के दर्द दो तरह के होते हैं। एक तो शरीर के छोटे जोड़ों के दर्द हैं, जैसे हाथ की…

गठिया या सन्धिवात या आमवात का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Arthritis, Rheumatism,…

छोटे जोडों, छोटी संधियों या छोटी गांठों-ग्रंथियों के दर्द को प्रथि-वात" या गठिया (गॉउट) कहते हैं; बड़ी संधियों के दर्द को "संधि-वात" (रियुमैटिज्म) कहते हैं। यदि मांस-पेशियों (मसल्स) में दर्द हो, तो उसे "पेशि-वात" (मस्कुलर रियुमैटिज्म) कहते…