बच्चों के दस्त का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Diarrhoea in Children ]

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साधारणतः माता के स्तन के दूध के दोष से तथा दांत निकलना, कृमि, खान-पान का अनिमय, सर्दी लग जाना, आंतों में मल की गांठ इकट्ठी होना इत्यादि कारणों से और कभी-कभी हूपिंग-कफ (खांसी) के साथ बच्चों को अतिसार हो जाता है।

रियूम 3, 6 — यह औषधि दांत निकलते समय खटास की गंध वाले दस्तों में बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। खटास इतनी कि स्नान कराने पर भी बच्चे से खट्टी गंध आती रहती है। दांत कठिनाई से निकलते हैं। मुख तथा नाक पर पसीना आता है। बच्चा चिड़चिड़ा होता है। खोपड़ी पर सूब पसीना आता है, दस्त कई बार आते हैं, भूरे रंग के झागदार; दस्त करते हुए बच्चा रोता है, जोर लगाता है, दर्द इतना अधिक होता है कि चिल्ला पड़ता है।

मैग्नेशिया कार्ब 30 — हरे रंग के झागदार दस्त जैसे जोहड़ों पर तैरते मैले पानी का रंग होता है। दूध पीते बच्चे के दस्त में दूध बिना पचे निकल जाता है। बच्चे का सारा शरीर खट्टी गंध से भरा होता है।

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कैमोमिला 6, 30 — दांत निकलने के दिनों में हरे रंग के पनीले दस्त, त्वचा को छील देने वाले, सड़े हुए अंडे की-सी बदबू वाले; बच्चा बहुत चिड़चिड़ा होता है। वह हर समय गोद में रहना चाहता है, कभी यह चीज मांगता है, तो कभी वह चीज और मांगने पर जो दी जाए, उसे परे फेंक दता है।

पोडोफाइलम 6 — बच्चों को दांत निकलने के समय अतिसार; कई रंगों का अधिक परिमाण में दस्त; रक्त मिला या रक्त पेचिश की तरह दस्त होना। सवेरे के समय रोग का बढ़ना।

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