कीड़े द्वारा काटने का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Insect Bites and Stings ]

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बिच्छू, भौंरा, बॅरें या कनखजूरा आदि के काट लेने पर पहले किसी चिमटी या नुकीली चीज से उसको डंक निकाल देना चाहिए। फिर उस स्थान को स्पिरिट आदि से साफ करना चाहिए।

एपिस 6 — यदि डंक लगा स्थान फूल जाए, तब दें।

शरीर के जिस ओर बिच्छू ने काटा हो, उसके विपरीत ओर वाले कान में गरम पानी में थोड़ा नमक मिलाकर 4-5 बार डालने से लाभ होता है अथवा दंश वाले स्थान पर सूरन का चूर या अरुई के वृक्ष की बुकनी लगानी चाहिए। मच्छर, खटमल या किसी विषैले कीट द्वारा काटने से यदि वह स्थान अधिक फूल जाए और वहां बेहद जलन और दर्द हो, तो उस स्थान पर नींबू काटकर अच्छी तरह से मलना चाहिए और एपिस 6 सेवन करनी चाहिए। मछली का कांटा गड़कर दर्द होने पर गरम पानी में नमक मिलाकर उसमें कांटा लगे भाग को डुबोए रखने से दर्द दूर हो जाता है।

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कार्बोलिक एसिड 3x, 6 — मधुमक्खी के काटने के कारण से यदि पीड़ा हो, तो इस औषधि से लाभ होता है।

लेडम 6 — चूहे के काट लेने पर इस औषधि का सेवन करना लाभकारी है।

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