उपजिह्वा शोथ का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Uvula Peritonsillar ]

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“उपजिह्वा” को अलि-जिह्वा भी कहते हैं। कभी-कभी किसी कारण से इसमें शोथ (सूजन) हो जाती है, जिस कारण रोगी को बहुत कष्ट होता है, यहां प्रेषित की जाने वाली औषधियां इसमें बहुत लाभ करती हैं।

हायोसायमस 6, 30 — उपजिह्वा में शोथ (सूजन) होने पर यदि वह लंबी हो जाए, जिसके कारण वह लेटने पर तालु को स्पर्श करने के कारण सुरसुरी-सी पैदा करके खांसी उत्पन्न करे या तालु को जैसे ही जिह्वा स्पर्श करे और खांसी होने लगे, तब इस औषधि का प्रयोग किया जाना चाहिए।

एलमेन 6, 30 — शोथ के कारण उपजिह्म लंबी हो जाए, जिस कारण गले में खुरचन जैसी अनुभूति हो, तब इसे दें।

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एपिस 30 — कभी-कभी सूजन आने के कारण उपजिह्वा फूल जाती है, जिससे रोगी को बहुत परेशानी होती है, उस समय यह औषधि लाभ करती है।

मर्क कोर 6 — यदि उपजिह्वा (अलि-जिह्म) सूज जाए, फूल जाए, उसमें जख्म हो जाएं, तब इससे लाभ होता है।

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