SALVIA OFFICINALIS Benefits, Uses and Side Effects In Hindi

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सैल्विया ऑफिसिनेलिस (Salvia. Off.)

(सेज)

दुर्बल रक्तसंचार की अवस्था में अधिक पसीना निकलने को नियन्त्रित करती है, उस तपेदिक में कम उपयोगी है जिसमें रात-पसीना और दम घोंटने वाली गुदगुदीदार खाँसी हो । अधिक दुग्धस्राव । चर्म पर शक्तिवर्धक प्रभाव ।

साँस-यन्त्र — गुदगुदीदार खाँसी, खासकर तपेदिक में ।

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चर्म — तुलना कीजिए : क्राइसैन्थेमम ल्कुकैन्थेमम-ऑक्स आई डेसी-पसीना निकलने वाली ग्रन्थियों पर विशिष्ट प्रभाव रखती है । साइप्रिपेडियम की तरह स्नायुमण्डल को शान्त करती है । दाहिनी तरफ के जबड़े और कनपटी की हड्डियों में फटन दर्द । आँतों और मसूढ़ों में दर्द, स्पर्श से बढ़े, गरमी से कम । चिड़चिड़ापन और रोए । यहाँ 12x का प्रयोग करें । अनिद्रा और रात में पसीना । अत्यधिक पसीना और स्नायुमण्डल की अति उत्तेजना के लिए । अरिष्ट की वृहत् मात्रा । फेलाण्ड्रियम., ट्यूबर. सेल्विया स्क्लेराटा (स्नायुमण्डल का शक्तिवर्धक, मात्रा — एक चाय का चम्मच एक पाइण्ट गरम जल में, शरीर में स्पंज करने के लिए सूँघना) रूबिया टिक्टोरम-मैडर-प्लीहा रोग की औषधि (सियानोथस) पाण्डुरोग और मासिकधर्म का रुकना, क्षय रोग । रक्तहीनता, अपोषिक अवस्था, प्लीहा, रक्तहीनता । मात्रा — 10 बूँद अरिष्ट ।

मात्रा — अरिष्ट, 20 बूंद की मात्रा में कुछ जल मिलाकर । प्रभाव जल्द ही मालूम पड़ता है, दवा लेने के 2 घण्टे बाद, और यह प्रभाव 2 से 6 दिन तक जारी रहता है ।

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