Surabhi Mudra Method and Benefits In Hindi

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सुरभि मुद्रा

यह यौगिक मुद्रा रहस्यमयी मानी गई है। लगभग सभी साधकों को यह मुद्रा अवश्य करनी चाहिए। यह शरीर में वात, पित्त, कफ़ के असंतुलन से उत्पन्न होने वाले दोष को अद्भुत तरीके से दूर करती है। इस मुद्रा के निरंतर अभ्यास करने से व्यक्ति तीव्र गति से आध्यात्मिक व शारीरिक लाभ उठा सकता है।
आचार्यों का कहना है कि इस मुद्रा का वर्णन अकथनीय है। यह अपने अंदर अनंत रहस्यों को समेटे हुए है।
चित्रानुसार एक हाथ की अनामिका को दूसरे हाथ की कनिष्ठा और दूसरे हाथ की कनिष्ठा को पहले हाथ की अनामिका से स्पर्श कराएँ। ऐसे ही मध्यमा अँगुली दूसरे हाथ की तर्जनी अँगुली से और पहले हाथ की तर्जनी अँगुली दूसरे हाथ की मध्यमा अँगुली से स्पर्श करेगी। दोनों अँगूठे खुले रहेंगे।

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